Sunday, 27 January 2013


      १
पिसाटाची झडप                 
संस्कृती गडप 
रक्ताळले पार 
 अंधारात 
       २
हातात टाळ 
गळ्यात माळ 
कडोमाची add 
 रानोमाळ 
        ३
विट्यालाही नाद 
लागला सीडीचा 
त्याचेही दार 
बंद आता 
      ४
अभगाचा गळा 
डोल्बीने चिरला 
गावही रंगला 
दाडीयात 
     ५
देहाच्या वराती 
बोळात सजल्या 
नासवल्या पोरी 
रातोराती 
भगार जगणे 
भगारली रात 
वासनेचे गीत 
गिधाडे गाती 
पिसाटले थवे 
बोकाळल्या झुडी 
माणुसकीची मुंडी 
मुळगळली  
  जयप्रभू कांबळे 

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